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जानिये क्यों अचानक से युसूफ पठान को टीम से कर दिया गया बाहर, हैरान कर देने वाली वजह

हम आपको बता दें कि विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टरफाइनल मुकाबलों से पहले ही टीम बड़ौदा ने एक बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी युसूफ पठान को टीम से बाहर कर उनके चाहने वालों को झटका दे दिया है.

युसूफ की जगह अक्षय ब्रह्मभट्ट को टीम में लिया गया

22 फरवरी को सौराष्ट्र के खिलाफ होने वाले इस महा मुकाबले से पहले ये फैसला बड़ौदा क्रिकेट संघ की तरफ से काफी अहम भी माना जा रहा है. इस फ़ैसले के बाद युसूफ की जगह अक्षय ब्रह्मभट्ट को टीम में शामिल किया गया है.

टीम से निकाले जाने के पीछे ये थी ख़ास वजह

बड़ौदा टीम के वरिष्ट अधिकारियों की माने तो पठान को बाहर करने का निर्णय लेते हुए चयन समिति के सदस्य अलग-अलग खेमें में नज़र आ रहे थे लेकिन ये मैच अहम होने के चलते ये कठिन फ़ैसला लिया गया. बड़ौदा क्रिकेट संघ के अनुसार युसूफ ने इस सीजन लगभग 6 मैच खेले जिनमें उनका प्रदर्शन इतना ख़ास नहीं दिखा. इसलिए अंतिम समय में उन्हें टीम से बाहर करने का फैसला लिया गया है. उनका खराब प्रदर्शन ही उन्हें टीम से बाहर करने का एकमात्र कारण है.

चयन कमिटी के 2 सदस्य थे फ़ैसले के खिलाफ़

खेल सूत्रों की माने तो युसूफ पठान को टीम से बाहर करने का निर्णय लेते हुए चयन कमिटी के 2 सदस्य सहमत अंतिम समय तक राजी नहीं हुए. वे लगातार यही कह रहे थे कि अब तक टीम जिन खिलाड़ियों के साथ जीत रही थी, उन्हें ही आगे भी रखा जाए न की पठान को बाहर कर दुसरे खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ा जाए. लेकिन अन्य तीन सदस्यों ने कोच से सलाह लेकर पठान को बाहर बैठाने का अंतिम फैसला लिया.

संभावित खिलाड़ियों की सूची में पठान का नाम न होने के बाद

भी टीम में लिया गया था

याद हो तो इससे पहले विजय हजारे ट्रॉफी शुरू होने से कुछ ही समय पहले पठान को टीम का अचानक सदस्य बनाया गया था. जबकि उनका नाम भी संभावित खिलाड़ियों की सूची में नहीं था लेकिन 15 सदस्यों के चयन के वक्त उन्होंने फिटनेस टेस्ट पास कर टीम में अपना चयन पक्का कर लिया था.

निष्कर्ष 

वाकई बेहद उल्लेखनीय है कि डोपिंग आरोपों में प्रतिबंधित होने के बाद पिछले एक अरसे से पठान का बल्ला खामोश ही रहा था. हाल ही में उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में 6 मैचों में बड़ौदा का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला जहाँ उन्होंने महज 79 रन बनाए. इस पूरी सीरीज के दौरान उनका उच्च स्कोर निराशाजनक 28 रन ही रहा. अब उन्हें टीम से बाहर करने के बाद उनकी अनुपस्थिति में टीम कैसा प्रदर्शन करती है? ये देखना बेहद दिलचस्प होगा.