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मोमिन की रूह जैसे आटे में से बाल खिंचता है, गुनाहगार की रूह जैसे कांटेदार पेड़ पर पड़े सूती कपड़े को खींचा जाए

जब रूह निकलती है तो इंसान का मुंह खुल जाता है होंठ किसी भी कीमत पर आपस में चिपके हुए नही रह सकते. रूह पैर के अंगूठे से खिंचती हुई

आखिर एक बंजर रेगिस्तान में बसा शहर ‘मक्का’ आज दुनिया में सबसे उन्नत क्यों है? पढ़िए एक इस्लामिक रिपोर्ट

मक्का शहर दुनिया का सबसे बेहतर सबसे उत्तम और सब से उन्नत शहर किसी भी मायने किसी भी नज़रिये से देख लिया जाये। चोरी - नहीं हत्या - नहीं बलात्कार - नहीं शोषण. -

यह गुनाह अनजाने में हो जाते हैं हमको पता भी नहीं चलता, जानिए….

यह गुनाह अनजाने में हो जाते हैं हमको पता भी नहीं चलता, जानिए....

दुनिया के सभी धर्म नेकी, भलाई, शांति और सच्चाई की शिक्षा देते हैं। इस्लाम धर्म भी इन्हीं आदर्शों पर चलने की सीख देता है। जानिए इस्लाम की वे बातें जो

मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह की बारगाह में अर्ज किया कि मेरे रब मेरे साथ जन्नत में कौन होगा?, पढ़िए खूबसूरत वाक्या

मूसा अलैहिस्सलाम ने एक दिन अल्लाह की बारगाह में अर्ज किया के ऐ मेरे रब मेरे साथ जन्नत में कौन होगा? इरशाद हुआ कि, एक कस्साब (कसाई) तुम्हारे साथ जन्नत में

विडियो: ये हैं दुनिया के सबसे खतरनाक रेलवे पुल

क्या आप जानते है कि दुनिया का सबसे खतरनाक पुल कहा पर है और कौनसा है. अगर नहीं जानते हैं तो यह विडियो देखए........... https://youtu.be/YQiztJ6Wt2Y?t=132

विडियो: देखें अमेरिकन लड़की ने कितने खूबसूरत तरीके से अपनाया इस्लाम

अल्लाह जिसे चाहता है अपने काम के लिए पसन्द कर लेता है, वह जिसे चाहता है हिदायत की राह नसीब करता है, वह जिसे चाहता है इज़्ज़त वालों में शामिल

कल ओवैसी का बिजनौर के ‘पेदा’ गांव का दौरा, साथ ही धारा 144 लगी

नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सदर और सांसद असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार की दोपहर बिजनौर जाने की तैयारी कर रहे हैं. ओवैसी यहां घायलों से मुलाक़ात के बाद पेदा गांव

पैग़म्बरे इस्लाम ने सहाबा से फ़रमाया, क्या तुम जानते हो सूरज कहाँ छुप जाता है?

एक बार रसूल -अल्लाह सल्लल -अल्लाह अलैहि वसल्लम ने अपने सहाबा रदी अल्लाह अन्हु से एक दिन फ़रमाया क्या तुम ये जानते हो की सूरज कहाँ जाता है ?उन्होंने कहा

मुज़फ्फरनगर, दादरी, तावडू अब बिजनौर कांड में पांच भाइयो ने जान से हाथ धोया, मृतको की जान की कीमत लगी बीस लाख

मुज़फ्फरनगर का दर्द,दादरी का ज़ख्म, तावड़ू की पीड़ा,600 दंगों की कड़वी यादें, सीने में ताज़ा ही थीं कि बिजनौर के पेदा गांव में हमारे पांच भाईयों को दरिंदगी के साथ

इस बार के चुनाव में सदर की कुर्सी पर कौन होना चाहिए…?

यूनिवर्सिटी में चुनाव की हलचल शुरू हो चुकी है! पिछले कई सालों की तरह घिसे पिटे मुद्दे लेकर नए उम्मीदवार मेरे पास आ रहे हैं और में इस सोच में

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