हम आपको बता दें कि कतर ने फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं निर्माण एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के लिए $50 मिलियन दान की घोषणा की है। हम आपको यह भी बता दें कि कतरी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि यूएनआरडब्ल्यूए की असाधारण मंत्री बैठक के दौरान इटली में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो जीटरस की मौजूदगी में यूएनआरडब्ल्यूए को ये दान दिया गया।

इसके बाद, कतर ने यह भी घोषणा की कि वह UNRWA द्वारा विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में लागू की गई परियोजनाओं के वित्तपोषण जारी रखेगा।
इससे पहले क़तर ने फरवरी में, गाजा पट्टी में अस्पताल के लिए दवाओं, चिकित्सा आपूर्ति, खाद्य पदार्थों और ईंधन के लिए 9 मिलियन डॉलर की आपातकालीन सहायता की थी।
क़तर की और से ये मदद ऐसे समय में की गई है जबकि सऊदी, मिस्र, बहरीन और यूएई ने उसका बहिष्कार किया हुआ है।
यरूशलम बहुत बड़ा शहर है, यह इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्म के लिए काफी अहम है। यह यहूदियों का दुनिया में सबसे पवित्र स्थान है, इस्लाम में मक्का और मदीना के बाद यह तीसरा सबसे पवित्र स्थान है। ईसाई धर्म के लिए भी यह काफी अहम स्थान है क्योंकि यहां जीसस क्राइस को सूली पर चढ़ाया गया था। तीनों धर्म को अब्राहम धर्म कहा जाता है।
पूर्वी यरूशलम में ज्यादातर मुस्लिम आबादी है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यहूदी आबादी है, जबकि इनके बीचो-बीच यह पवित्र स्थान मौजूद है। यहां अल अक्सा मस्जिद में इजरायल 18-50 वर्ष के लोगों को जाने से रोकता है क्योंकि ये लोग अक्सर यहां प्रदर्शन करते हैं। यरूशलम को पूरी दुनिया में आज भी इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता नहीं मिली है। इजरायल यरूशलम को अपनी राजधानी मानता है, जबकि दुनिया के अन्य देश अभी भी तेलावीव है, लिहाजा सारे दूतावास यहीं स्थित हैं।