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नासा के अंतरिक्ष यात्रियों ने किया कमाल, अंतरिक्ष में उगाई बंदगोभी

cabbage grown by nasa astronauts at international space station

हम जब भी बाज़ार सब्जी खरीदने जाते हैं तो अक्सर सब्जी वाले को यह कहते हुए सुनते हैं कि यह अमेरिका की लौकी है, यह चीन की गोभी है. और वह वक़्त दूर नहीं जब हम सब्जी वालों के यह कहते हुए सुनेंगे कि यह आसमान में उगाई हुई सब्जी है. यह बातें सुनकर आप हैरान ज़रूर हुए होंगे लेकिन ऐसा संभव है. तकरीबन एक महीना प्रयास करने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केन्द्र में चीनी बंदगोभी उगाई. पेगी विटसन जो कि एक अंतरिक्ष यात्री हैं उन्होंने ‘तोक्यो बेकाना’ नाम की चीनी गोभी उगाई.

अंतरिक्ष केन्द्र के अंतरिक्ष यात्रियों को इनमें से कुछ गोभी खाने के लिए मिलेंगी और बाकी नासा के केनेडी अंतरिक्ष केन्द्र में वैज्ञानिक अध्ययन के लिए सुरक्षित कर लिया जाएगा.

यह अंतरिक्ष केन्द्र में उगाई जाने वाली पांचवी फसल होगी अैर पहली चीनी गोभी. चीनी गोभी का चुनाव अनेक पत्तेदार सब्जियों के आकलन के बाद किया गया. नासा के मुताबिक उसके जॉनसन अंतरिक्ष केन्द्र के अंतरिक्ष खाद्य प्रणाली टीम के पास चार नाम भेजे गए थे. इनमें से तोक्यो बेकाना चुना गया.

अंतरिक्ष में सब्जियां उगा रहा नासा

हॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘द मार्शियन’ में आपने अभिनेता मैट डेमॉन को मंगल ग्रह पर खाने के लिए फसल उगाने की जद्दोजहद करते देखा होगा. लेकिन नासा के लिए यह कोई अनोखी बात नहीं, क्योंकि वह अंतरिक्ष में पहले से ही सब्जियां उगा रहा है, जिसे वैज्ञानिकों ने खाया भी है.

इस साल अगस्त में छह अंतरिक्ष यात्री अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) में उगाई सब्जियां खाने वाले पहले व्यक्ति बन गए. अंतरिक्ष के कठिन हालात में खाद्य पदार्थो के उत्पादन को लेकर शोध के लिए नासा अमेरिका की उटा स्टेट युनिवर्सिटी में पौधे, मिट्टी व जलवायु विभाग के निदेशक ब्रुस बग्बी को फंडिंग कर रहा है.

बग्बी ने टेकक्रंच डॉट कॉम को एक रिपोर्ट में कहा कि हमारा ध्यान फिलहाल कुछ सलाद उगाने पर है. कुछ सलाद व कुछ मूली उगाना है, जिससे जल के पुनर्चक्रण में मदद मिलती है. नासा ने अंतरिक्ष में सब्जियों के उत्पादन के लिए कई तरह की प्रौद्योगिकी की खोज की है.

नासा ‘वेज-01’ परीक्षण का इस्तेमाल पौधों के विकास व ‘पिलोज’ (पौधे उगाने की तकनीक) के अध्ययन को लेकर कर रहा है. अंतरिक्ष में पहले ‘पिलो’ को मई 2014 में फ्लाइट इंजीनियर स्टीव स्वांसन ने विकसित किया था. पौधे के विकास के 33 दिनों बाद उसे काट लिया गया और अक्टूबर 2014 में पृथ्वी पर लाया गया.

नासा के फ्लोरिडा स्थित केनेडी अंतरिक्ष केंद्र में पौधे की खाद्य सुरक्षा संबंधी जांच की गई. दूसरा ‘वेज 01 प्लांट पिलोज’ को केली ने आठ जुलाई को विकसित किया, जिसके 33 दिनों बाद फिर उसे काटकर धरती पर लाया गया.

‘वैजी यूनिट’ एक चपटा पैनल होता है, जिसमें पौधे के विकास व चालक दल के प्रेक्षण के लिए लाल, नीली व हरी एलईडी लगी होती हैं.

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