आप यहाँ पर हैं
होम > ब्लॉग (Blog) (Page 21)

जज़्बे को सलाम: एक ऐसा टीचर जो पढ़ाने के लिए रोज़ नदी में तैर कर जाता है स्कूल

यह बात सौ प्रतिशत सही है कि टीचर ही बच्चो का मार्गदर्शक होता है। इसी लिए टीचर को ईश्वर का दूसरा रूप माना गया है। तो आइए आज मिलते हैं एक

वीडियो: पहली बार सुनी अज़ान की आवाज़, निकल आये आँखों से आंसू

दरअसल यह वीडियो जेद्दाह को लेकर बनायी जा रही एक डाक्यूमेंट्री से लिया गया है. ब्रिटेन से जेद्दाह आई यह महिला स्थानीय लोगो, भेषभूषा, खानपीन, सांस्कृतिक धरोहर पर डाक्यूमेंट्री बना

यूरोपीय संघ के ब्रिटेन से अलग हों होने पर आखिर भारत पर क्या असर हो सकता हैं, जानिए

ब्रिटेन के लोगों ने शुक्रवार (24 जून) को यूरोपिय संघ (EU) से बाहर होने का फैसला किया है। ब्रिटेन के इस फैसले से खाली ब्रिटेन ही नही बल्कि बाकी दुनिया

अपने हमसफर का चुनाव करते हुए सूरए नूर की 26 वी आयत को ज़रूर दिमाग में रखे!

इस्लाम ने जीवन साथी के चयन को बहुत महत्वपूर्ण क़दम बताया है और इसके लिए कुछ मापदंड बयान किए हैं। इन्हीं मापदंडों में से एक पति और पत्नी के एक

जानिए, डायबिटिज के मरीज़ किस तरह से करे रमजान के पाक महीने में अपनी सेहत की देखभाल

कुरान के मुताबिक, किसी रोग से पीड़ित लोगों को रोजे में छूट है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बीमार होने के बावजूद महीना भर रोजा रखते हैं, इनमें वे

ब्लूटूथ के ज़रिये डेटा ट्रांसफर करना हुआ अब और भी ज़्यादा आसान

आजकल के सभी कनेक्टेड डिवाइस में ब्लूटूथ होता है. इसका इस्तेमाल दो डिवाइस के बीच डेटा ट्रांसफर करने के लिए होता है.कनेक्टिविटी की रेंज को पहले से कहीं बेहतर कर

गूगल पर इन 6 चीज़ो को सर्च करने से आप पड़ सकते हैं मुश्किल में

गूगल पर आप जो भी कुछ सर्च करते हैं उसका वह पूरा रिकॉर्ड रखता है। गूगल की यही वजह आपको मुसीबत में भी डाल सकती है। हालांकि गूगल पर अच्छी

उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों से लाखों की संख्या में हो रहे पलायन पर चुप्पी क्यों?

कैराना में 300 लोग पलायन कर गए तो उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक बवाल हो गया। उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों से लाखों की संख्या में हो रहे पलायन पर

सोनागाछी, एक ऐसी जगह जहाँ सिर्फ 134 रुपये में होती है जिस्म की नीलामी

देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सेक्‍स एक ऐसा मुद्दा है जिस पर कोई खुलकर बात तो नहीं करता है लेकिन यौन संबंध बनाने में रुचि लगभग सभी की

क्यों इस्लाम मज़हब में सिर्फ औरतों को ही पर्दे में रहने का हुक्म दिया गया हैं?, जानिए

बेशक इस्लाम औरत को हुक्म देता हैं कि वह पर्दे में रहे। दुनिया के सामने अपने जिस्म और खूबसूरती की नुमाइश (प्रदर्शन) न करें सिवाय उसके शौहर (पति) के। क्यों

Top